किडनी स्टोन (Kidney Stones): लक्षण, कारण और उपचार | एक संपूर्ण मार्गदर्शिका
किडनी स्टोन (Kidney Stones), जिसे गुर्दे की पथरी भी कहा जाता है, मूत्र मार्ग से जुड़ी एक आम समस्या है, जो हर उम्र के लोगों में देखी जाती है। आप सोच रहे होंगे कि किडनी स्टोन होने के कारण क्या हैं। दरअसल, अलग-अलग कारणों से खनिज तत्व गुर्दों में जमा होने लगते हैं, जिससे पथरी बन जाती है।
समय पर इलाज के लिए किडनी स्टोन के शुरुआती लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है। इसके कारणों को समझकर हम इससे बचाव भी कर सकते हैं। आज के समय में छोटे पत्थरों के लिए दवाइयां और बड़े पत्थरों के लिए आधुनिक उपचार विधियां उपलब्ध हैं।
इस ब्लॉग में हम किडनी स्टोन (Kidney Stones) के लक्षण, कारण, इलाज और दवाइयों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
किडनी स्टोन (Kidney Stones) क्या होता है?
किडनी स्टोन गुर्दों के अंदर खनिज और लवण के कठोर जमाव से बनता है। जब पेशाब में कैल्शियम, ऑक्सलेट और यूरिक अम्ल जैसे तत्व अधिक मात्रा में जमा हो जाते हैं, तो वे आपस में मिलकर छोटे-छोटे कण बनाते हैं, जो धीरे-धीरे कठोर पत्थर का रूप ले लेते हैं।
यह समस्या तब अधिक होती है जब शरीर में पानी की कमी हो, गलत खान-पान की आदतें हों या कोई बीमारी पेशाब की संरचना को प्रभावित करती हो।
- आकार: यह रेत के दाने जितना छोटा या गंभीर स्थिति में गेंद जितना बड़ा भी हो सकता है।
- आकृति: यह चिकना या खुरदुरा हो सकता है, और जब यह मूत्र मार्ग से निकलता है तो बहुत दर्द देता है।
- स्थान: गुर्दे, मूत्र नली, मूत्राशय या मूत्रमार्ग में हो सकता है।
किडनी स्टोन (Kidney Stones) के प्रकार
सभी किडनी स्टोन एक जैसे नहीं होते। ये अलग-अलग पदार्थों से बनते हैं। इनके प्रकार की पहचान करना जरूरी है, क्योंकि इससे इलाज और बचाव का सही तरीका चुना जा सकता है। हर प्रकार विशेष खान-पान, बीमारी या पेशाब में बदलाव के कारण बनता है।
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पथरी का प्रकार |
मुख्य तत्व |
सामान्य कारण / जोखिम |
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कैल्शियम पथरी |
कैल्शियम ऑक्सलेट या कैल्शियम फॉस्फेट |
पानी की कमी, ऑक्सलेट युक्त भोजन, अधिक नमक का सेवन और चयापचय से जुड़ी समस्याएं |
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यूरिक अम्ल पथरी |
यूरिक अम्ल |
अधिक प्रोटीन युक्त भोजन, गठिया, मधुमेह, पेशाब का अधिक अम्लीय होना, पानी की कमी |
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स्ट्रूवाइट पथरी |
मैग्नीशियम अमोनियम फॉस्फेट |
बार-बार होने वाला मूत्र संक्रमण, खासकर महिलाओं में |
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सिस्टीन पथरी |
सिस्टीन (एक अमीनो अम्ल) |
सिस्टीनयूरिया नामक दुर्लभ आनुवंशिक रोग, जिससे पेशाब में सिस्टीन अधिक मात्रा में निकलता है |
किसी व्यक्ति में किस प्रकार की पथरी है, यह जानने से डॉक्टर सही खान-पान में बदलाव, जीवनशैली सुधार और सबसे उपयुक्त इलाज की सलाह दे सकते हैं, जिससे दोबारा पथरी बनने की संभावना कम हो जाती है।
किडनी स्टोन (Kidney Stones) के लक्षण और संकेत
किडनी स्टोन के कारण पथरी के प्रकार और मूत्र मार्ग में उसके स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ पथरियां शुरुआत में बिना लक्षण के रहती हैं, जबकि कुछ अचानक तेज दर्द पैदा करती हैं।
- कमर या बगल के निचले हिस्से में हल्का दर्द या भारीपन
- बार-बार पेशाब लगना
- पेशाब करते समय हल्की जलन
- धुंधला या बदबूदार पेशाब
- कमर, बगल या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द (लहरों की तरह)
- दर्द का जांघ और गुप्तांग की ओर फैलना
- पेशाब में खून आना (गुलाबी, लाल या भूरे रंग का)
- तेज दर्द के कारण मतली और उल्टी
- पेशाब करने में कठिनाई या बहुत कम मात्रा में पेशाब होना
गंभीर किडनी स्टोन (Kidney Stones) के लक्षण – कब तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
- असहनीय और लगातार बना रहने वाला दर्द
- बुखार और ठंड लगना (संक्रमण का संकेत हो सकता है)
- लगातार उल्टी, जिससे पानी पीना मुश्किल हो जाए
- पूरी तरह पेशाब न हो पाना
- तेज दर्द के साथ कमजोरी या चक्कर आना
किडनी स्टोन (Kidney Stones) का दर्द कैसा महसूस होता है?
जब पथरी मूत्र मार्ग को रोकती है या उसमें जलन पैदा करती है, तब अचानक और बहुत तेज दर्द होता है, जो इस बीमारी का मुख्य लक्षण है।
- अक्सर यह दर्द पसलियों के नीचे कमर या बगल से शुरू होता है
- पथरी के खिसकने पर दर्द पेट के निचले हिस्से और जांघ तक पहुंच सकता है
- यह दर्द चुभने वाला, ऐंठन जैसा या चाकू लगने जैसा हो सकता है
- पथरी की स्थिति बदलने पर दर्द कभी तेज और कभी हल्का हो जाता है
- इसके साथ मतली, उल्टी या पेशाब में खून भी आ सकता है
- मूत्र संक्रमण के दर्द से अलग: पथरी का दर्द अधिक तेज और लहरों जैसा होता है, जबकि संक्रमण में पेशाब के समय जलन और बार-बार पेशाब लगने की समस्या होती है।
इस प्रकार का दर्द होने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
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किडनी स्टोन (Kidney Stones) होने के कारण
जब पेशाब में कुछ तत्व बहुत अधिक मात्रा में जमा हो जाते हैं, तब छोटे-छोटे कण बनकर पथरी का रूप ले लेते हैं। आमतौर पर इसका कोई एक कारण नहीं होता, बल्कि जीवनशैली, खान-पान और कुछ बीमारियां इसके लिए जिम्मेदार होती हैं।
- पानी की कमी: कम पानी पीने से पेशाब गाढ़ा हो जाता है और पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है।
- अधिक नमक का सेवन: ज्यादा नमक लेने से पेशाब में कैल्शियम बढ़ जाता है, जिससे पथरी बनती है।
- खान-पान से जुड़े कारण: ऑक्सलेट युक्त भोजन और अधिक मांसाहार पथरी बनाने वाले तत्व बढ़ाते हैं।
- मोटापा: इससे पेशाब की संरचना बदलती है और पथरी का खतरा बढ़ता है।
- पारिवारिक इतिहास: आनुवंशिक कारणों से कुछ लोगों में पथरी जल्दी बनती है।
- कुछ बीमारियां: गठिया और हार्मोन संबंधी रोग पथरी की संभावना बढ़ाते हैं।
- मूत्र संक्रमण: बार-बार संक्रमण होने से विशेष प्रकार की पथरी बन सकती है।
- पाचन संबंधी रोग या शल्य चिकित्सा: पोषक तत्वों के अवशोषण में कमी पेशाब का संतुलन बिगाड़ती है।
- कुछ दवाइयां और पूरक तत्व: कैल्शियम, विटामिन डी और कुछ दवाइयों की अधिक मात्रा पथरी बना सकती है।
- लंबे समय तक निष्क्रिय रहना: लगातार बिस्तर पर रहने से हड्डियों से कैल्शियम निकलकर गुर्दों में जमा हो सकता है।
किडनी स्टोन (Kidney Stones) के जोखिम कारक
कुछ कारण ऐसे होते हैं, जो शरीर में खनिज संतुलन और पेशाब की मात्रा को प्रभावित करके पथरी का खतरा बढ़ा देते हैं।
- उम्र: 30 से 60 वर्ष के लोगों में अधिक देखा जाता है
- लिंग: पुरुषों में अधिक पाया जाता है, हालांकि महिलाओं में भी अब मामले बढ़ रहे हैं
- पारिवारिक इतिहास: परिवार में किसी को पथरी होने पर जोखिम बढ़ जाता है
- पहले से पथरी होना: दोबारा पथरी बनने की संभावना रहती है
- शरीर का वजन: अधिक वजन वालों में खतरा ज्यादा होता है
- जलवायु: गर्म क्षेत्रों में रहने से पानी की कमी के कारण जोखिम बढ़ता है
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किडनी स्टोन (Kidney Stones) की जांच
किडनी स्टोन की पहचान लक्षणों और चिकित्सकीय जांच के माध्यम से की जाती है, जिससे उसकी स्थिति और आकार का पता चलता है।
- बीमारी का इतिहास और दर्द की जानकारी
- पेट और कमर की शारीरिक जांच
- पेशाब की जांच से खून, संक्रमण और कणों का पता लगाना
- खून की जांच से गुर्दों की कार्यक्षमता और खनिज स्तर देखना
- अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन से पथरी की स्थिति जानना
- निकली हुई पथरी की जांच से उसके प्रकार की पहचान
समय पर और सही जांच से प्रभावी इलाज और भविष्य में पथरी से बचाव संभव होता है।
किडनी स्टोन (Kidney Stones) की दवाइयां और उपचार के तरीके
किडनी स्टोन (Kidney Stones) का इलाज उसके आकार, प्रकार और लक्षणों की गंभीरता पर निर्भर करता है। छोटी पथरी अक्सर पर्याप्त पानी और सहायक दवाइयों से अपने आप निकल जाती है, जबकि बड़ी पथरी के लिए विशेष उपचार की आवश्यकता होती है।
किडनी स्टोन की दवाइयों के नाम
ज़ीलैब फार्मेसी पर दर्द कम करने, पथरी को घुलाने और दोबारा बनने से रोकने वाली किफायती और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवाइयां उपलब्ध हैं।
- नेचरएक्सपर्ट पथरी थोर सिरप – यह एक हर्बल दवा है, जो पथरी का आकार घटाने, दर्द कम करने और पेशाब के प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद करती है।
- ज़िन्टालिका यूरिन एल्कलाइज़र सिरप – यह पेशाब को क्षारीय बनाकर यूरिक अम्ल को घुलाने और नई पथरी बनने से रोकने में सहायक है।
किडनी स्टोन के उपचार के विकल्प
- दवाइयों द्वारा इलाज: दर्द कम करने, पेशाब को संतुलित करने और पथरी निकालने में मदद करने वाली दवाइयां।
- आधुनिक उपचार: बड़ी या जिद्दी पथरी के लिए विशेष चिकित्सा विधियां अपनाई जाती हैं।
समय पर जांच और सही दवा से जटिलताओं से बचा जा सकता है और गुर्दों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
ज़ीलैब फार्मेसी की ओर से किडनी स्टोन के लिए बेहतरीन दवाइयों की सिफारिश
ज़ीलैब फार्मेसी किडनी स्टोन के इलाज और रोकथाम के लिए किफायती और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवाइयों की विस्तृत श्रृंखला प्रदान करती है।
नेचरएक्सपर्ट पथरी थोर सिरप
नेचरएक्सपर्ट पथरी थोर सिरप एक हर्बल सिरप है, जो किडनी स्टोन (Kidney Stones) से होने वाले दर्द को कम करने और मूत्र मार्ग को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। यह पथरी से जुड़ी परेशानी और लक्षणों को नियंत्रित करने में सहायक है।
- संघटक: अपामार्ग, पुनर्नवा, गोखरू, कुशा, काश, पाषाणभेद, वरुण, कुलथ, मंजिष्ठा, अजवाइन और मूली के हर्बल अर्क।
- कार्य करने का तरीका: यह पेशाब का क्षारीय स्तर बनाए रखता है और प्राकृतिक जड़ी-बूटियों की सहायता से पथरी को घोलने, तोड़ने और बाहर निकालने में मदद करता है।
- सेवन विधि: डॉक्टर की सलाह अनुसार भोजन के बाद पानी या रस के साथ निर्धारित मात्रा में सेवन करें और बताए गए समय तक नियमित रूप से लें।
ज़िन्टालिका यूरिन एल्कलाइज़र सिरप 100 मिली
ज़िन्टालिका यूरिन एल्कलाइज़र सिरप पेशाब की अम्लता को संतुलित करने में मदद करता है और किडनी स्टोन से होने वाली परेशानी को कम करता है। यह यूरिक अम्ल के जमाव और पथरी बनने से जुड़े लक्षणों को राहत देने में उपयोगी है।
- संघटक: डिसोडियम हाइड्रोजन साइट्रेट (1.4 ग्राम / 5 मिली)
- कार्य करने का तरीका: यह पेशाब में अधिक अम्लता को निष्क्रिय करता है, जिससे यूरिक अम्ल के कण घुलते हैं और नई पथरी बनने से बचाव होता है।
- सेवन विधि: डॉक्टर की सलाह अनुसार पानी में मिलाकर भोजन के बाद लें और पूरा कोर्स नियमित रूप से पूरा करें।
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किडनी स्टोन (Kidney Stones) के उपचार के विकल्प क्या हैं?
किडनी स्टोन के इलाज के कई तरीके होते हैं, जो पथरी के आकार, प्रकार और स्थान के अनुसार चुने जाते हैं।
घरेलू और सामान्य उपचार
छोटी पथरी और हल्के लक्षणों में घरेलू और सामान्य उपचार सबसे पहले अपनाए जाते हैं।
- अधिक मात्रा में पानी पीने से छोटी पथरी बाहर निकलने में मदद मिलती है
- डॉक्टर द्वारा दी गई दर्द निवारक दवाइयों का सेवन
- आराम करना और लक्षणों पर नजर रखना
- खान-पान में सुधार करके नई पथरी बनने से बचाव
किडनी स्टोन का चिकित्सकीय उपचार
इस उपचार में दवाइयों की सहायता से दर्द कम किया जाता है और पथरी निकालने में मदद की जाती है।
- मूत्र मार्ग को आराम देने और पथरी निकालने में सहायक दवाइयां
- दर्द, मतली और संक्रमण को नियंत्रित करने वाली दवाइयां
- पथरी के प्रकार के अनुसार यूरिक अम्ल या कैल्शियम को संतुलित करने वाली दवाइयां
शल्य चिकित्सा और उन्नत विधियां
जब पथरी बहुत बड़ी हो, जटिल हो या अपने आप न निकले, तब उन्नत उपचार अपनाए जाते हैं।
- शॉक वेव लिथोट्रिप्सी: ध्वनि तरंगों की सहायता से पथरी को छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है
- यूरेटरोस्कोपी: पतली नली की सहायता से पथरी को ढूंढकर निकाला या तोड़ा जाता है
- परक्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी: बड़ी और जटिल पथरी के लिए शल्य चिकित्सा प्रक्रिया
किडनी स्टोन (Kidney Stones) से बचाव के लिए खान-पान और जीवनशैली सुझाव
स्वस्थ दैनिक आदतें अपनाकर किडनी स्टोन बनने और दोबारा होने के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
- पर्याप्त पानी पिएं: दिनभर खूब पानी पीने से पेशाब पतला रहता है
- संतुलित आहार लें: अधिक नमक, मीठे पेय और ज्यादा मांसाहार से बचें; पालक, मेवे और चॉकलेट जैसे ऑक्सलेट युक्त खाद्य पदार्थ सीमित मात्रा में लें; और कैल्शियम की पूर्ति प्राकृतिक भोजन से करें
- स्वस्थ वजन बनाए रखें: नियमित व्यायाम और संतुलित भोजन गुर्दों को स्वस्थ रखते हैं
इन आदतों को लगातार अपनाने से भविष्य में पथरी से बचाव संभव है।
किडनी स्टोन (Kidney Stones) के घरेलू उपाय
अगर आप घर पर तुरंत दर्द कम करने के उपाय जानना चाहते हैं, तो पानी पीना, आराम करना, गर्म सिकाई और लक्षणों पर ध्यान देना उपयोगी हो सकता है।
- अधिक पानी पिएं: इससे मूत्र मार्ग साफ रहता है और छोटी पथरी निकलने में मदद मिलती है
- नींबू पानी: इसमें मौजूद साइट्रेट पथरी बनने से रोकने में सहायक हो सकता है
- नारियल पानी या जौ का पानी: परंपरागत रूप से मूत्र स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है
- गर्म सिकाई: कमर या पेट के निचले हिस्से पर गर्म पानी की थैली रखने से दर्द कम हो सकता है
- हर्बल पेय सीमित मात्रा में: कुछ जड़ी-बूटी वाले पेय उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन सावधानी जरूरी है
- आरामदायक मुद्रा: करवट लेकर घुटने मोड़कर लेटने से अस्थायी रूप से दर्द में राहत मिल सकती है
डॉक्टर को कब दिखाएं?
यदि किडनी स्टोन के लक्षण गंभीर हो जाएं या लंबे समय तक ठीक न हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। समय पर इलाज से जटिलताओं से बचाव होता है।
- कमर, बगल या पेट में लगातार तेज दर्द
- बुखार और ठंड लगना
- लगातार मतली या उल्टी, जिससे पानी पीना मुश्किल हो
- पेशाब में खून आना या गहरा रंग होना
- पेशाब करने में कठिनाई या बिल्कुल न होना
- दर्द के साथ कमजोरी, चक्कर या बेहोशी
समय पर चिकित्सकीय जांच से सही इलाज संभव होता है और गंभीर समस्याओं का खतरा कम होता है।
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यदि किडनी स्टोन का इलाज न किया जाए तो क्या होता है?
यदि किडनी स्टोन का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है, खासकर तब जब यह पेशाब के प्रवाह को रोक दे या संक्रमण का कारण बन जाए।
- लगातार और तेज दर्द, जो रोजमर्रा के कामों को प्रभावित करता है
- फंसे हुए पेशाब और जीवाणुओं के बढ़ने से मूत्र मार्ग में संक्रमण
- पेशाब के रास्ते में रुकावट, जिससे गुर्दे में सूजन हो सकती है
- लंबे समय तक दबाव बढ़ने से गुर्दों को नुकसान
- बार-बार या गंभीर मामलों में गुर्दों की कार्यक्षमता कम होना
- पेशाब में खून आना और लगातार जलन या परेशानी
इन संभावित जटिलताओं से बचने के लिए समय पर जांच और इलाज बहुत जरूरी है।
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निष्कर्ष:
किडनी स्टोन एक आम समस्या है, लेकिन इसे कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके शुरुआती लक्षणों को समय पर पहचानना और कारणों को समझना जटिलताओं से बचने में बहुत मदद करता है।
कुछ छोटी पथरियां घरेलू उपायों से निकल सकती हैं, लेकिन कई मामलों में समय पर चिकित्सा देखभाल और सही दवा की जरूरत होती है। चूंकि पथरी का दर्द बहुत तेज और परेशान करने वाला हो सकता है, इसलिए सही जांच और उचित इलाज बेहद जरूरी है।
पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार लेना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना गुर्दों को स्वस्थ रखने और भविष्य में पथरी बनने के खतरे को कम करने में सहायक है।
यह भी पढ़ें: किडनी स्टोन के लिए आयुर्वेदिक दवा
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ's):
प्रश्न. किडनी स्टोन (Kidney Stones) बनने के सामान्य कारण क्या हैं?
उत्तर. जब पेशाब बहुत गाढ़ा हो जाता है, तब कैल्शियम, ऑक्सलेट और यूरिक अम्ल जैसे खनिज तत्व जमा होकर पथरी बना लेते हैं। पानी की कमी, अधिक नमक, ज्यादा मांसाहार और कुछ बीमारियां इसका खतरा बढ़ाती हैं।
प्रश्न. किडनी स्टोन का दर्द कहां महसूस होता है?
उत्तर. यह दर्द आमतौर पर पसलियों के नीचे कमर या बगल में शुरू होता है। पथरी के खिसकने पर यह पेट के निचले हिस्से और जांघ तक फैल सकता है और लहरों की तरह आता-जाता रहता है।
प्रश्न. क्या किडनी स्टोन अपने आप घुल सकता है?
उत्तर. कुछ छोटी पथरियां, खासकर यूरिक अम्ल से बनी पथरियां, पर्याप्त पानी और सही दवाइयों से घुल सकती हैं। लेकिन अधिकतर पथरियों के लिए चिकित्सकीय निगरानी और इलाज जरूरी होता है।
प्रश्न. प्राकृतिक रूप से किडनी स्टोन (Kidney Stones) से कैसे बचाव करें?
उत्तर. रोजाना पर्याप्त पानी पीकर, नमक और ज्यादा मांसाहार से बचकर, संतुलित भोजन करके, स्वस्थ वजन बनाए रखकर और शरीर में पानी की कमी न होने देकर पथरी से बचाव किया जा सकता है।
प्रश्न. कौन-से खाद्य पदार्थ किडनी स्टोन (Kidney Stones) का कारण बन सकते हैं?
उत्तर. अधिक नमक वाला भोजन, ज्यादा लाल मांस, मीठे पेय और पालक, मेवे व चॉकलेट जैसे ऑक्सलेट युक्त खाद्य पदार्थ पथरी का खतरा बढ़ा सकते हैं।
प्रश्न. क्या किडनी स्टोन का दर्द लगातार रहता है या आता-जाता है?
उत्तर. किडनी स्टोन (Kidney Stones) का दर्द अक्सर लहरों की तरह आता-जाता रहता है। पथरी के खिसकने या पेशाब का रास्ता रुकने पर दर्द तेज हो जाता है और कुछ समय बाद कम हो सकता है।
प्रश्न. किडनी स्टोन पुरुषों में ज्यादा होता है या महिलाओं में?
उत्तर. आमतौर पर यह समस्या पुरुषों में अधिक देखी जाती है, लेकिन हार्मोन, खान-पान और जीवनशैली के कारण महिलाओं में भी इसके मामले बढ़ रहे हैं।
प्रश्न. किडनी स्टोन के दर्द को कैसे कम करें?
उत्तर. डॉक्टर द्वारा बताई गई दर्द निवारक दवाइयां, पर्याप्त पानी, आराम और कमर पर गर्म सिकाई से दर्द में राहत मिल सकती है। तेज दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
प्रश्न. किडनी स्टोन के लक्षण होने पर डॉक्टर को कब दिखाएं?
उत्तर. यदि दर्द बहुत तेज हो, लंबे समय तक बना रहे, बुखार, उल्टी, पेशाब में दिक्कत या खून आए, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। समय पर इलाज से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
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